fursatonline.com

Ferrero : एक छोटी सी दुकान से कारखाना, अब ₹3.6 लाख करोड़ की नेटवर्थ

Ferrero

इटालियन चॉकलेट कंपनी “Ferrero” विश्व प्रसिद्ध है। मशहूर होना भी चाहिए क्योंकि इन्होने “Kinder Joy” जैसा उत्पाद बाज़ार में उतारा और लोगो ने पसंद के साथ भारी मांग भी की।
Ferrero ने एक छोटी सी दुकान को कारखाने में तब्दील किया और आज पूरी दुनिया में अपनी एक जगह बनायीं। इटली इतना अमीर नहीं था कि महंगी वस्तुएं खरीद सकता था। फेरेरो ने अपनी सूझ-बूझ से लोगो के लिए चॉकलेट को लांच किया, समय के साथ किंडर लाइन और टिक टैक भी लांच किये।
आज इस लेख में फेरेरो संघर्ष यात्रा को आपके साथ साझा किया जायेगा। 

Ferrero के संस्थापक Pietro Ferrero का सफर :

Ferrero के संस्थापक Pietro Ferrero, जो मिठाई बनाने में काफी निपुण और अनुभवशाली थे। 1923 में एक छोटी सी पेस्ट्री की दुकान खोली, जिसमे अपने अनुभव से चॉकलेट, पेस्ट्री और कन्फेक्शनरी उत्पाद बेचने लगे।
एक बर्ष बाद ही अपनी पत्नी, पिएरा सिलारियो से विवाह किया। जिंदगी की भागदौड़ में कंपनी के संस्थापक Pietro Ferrero को एक दशक तक एक शहर से दूसरे शहर जाना पड़ा। लेकिन अपने हुनर को कभी नहीं छोड़ा और गुजारा चलाने के लिए और भी काम करते थे।
1938 में Pietro अफ्रीका चले गए और वहां सैनिकों को बिस्कुट बेचे। यह योजना भी कामयाब नहीं हुई, इसलिए वे द्वित्तीय युद्ध शुरू होने से पहले ही अपने घर लौट आए।

Pietro ने युद्ध के दौरान भारी राशनिंग के शिकार, शानदार चॉकलेट का एक सस्ता विकल्प बनाने के लिए कई व्यंजनों को आज़माया और परखा।
Pietro ने दिन-रात मेहनत करने और बहुत सी रेसिपीज़ आज़माने के बाद चॉकलेट बनाया।

Ferrero चॉकलेट का जन्म :

Pietro ने बाजार में देखा कि चॉकलेट की आपूर्ति बहुत कम थी। उन्हें लगता था कि कोको, हेज़लनट्स, गुड़, नारियल मक्खन और वनस्पति तेल मिलकर लाजवाब स्वाद देगा। उस मिश्रण का नाम “Giandujot” रखा।
लोग लाजवाब स्वाद से प्रभावित हुए और मांग के साथ प्रसिद्धि बढ़ने लगी। इटली का हर सख्स Giandujot का लाजवाब स्वाद चखना चाहता था। Pietro ने उत्पादन को बढ़ाया और अपने भाई के साथ मिलकर 1946 में Ferrero की स्थापना कर दी।

Ferrero ने बिना सोचे अवसरों का लाभ उठाया और कम कीमतों में उत्पाद बेचा :

नए अविष्कारों और स्वाद के प्रति अपना पूरा अर्पण देने वाले Pietro का दिल दौरा पड़ने से 51 वर्ष की उम्र में मौत हो जाती है। उनके भाई कंपनी का कार्यभार संभालते हैं। भाई ने सुपरक्रेमा नामक एक चीज बेची, जो लोगों को पसंद आई। कीमतों को कम रखने के लिए ज़ार और बर्तनो में बेचने की चतुर शैली इस्तेमाल की, जिससे उपभोक्ता दोबारा इस्तेमाल कर ले।थोक विक्रेताओं को वितरित करने की बजाय खुद दुकानों को बेचते, ताकि कीमते कम रहे। 

भाई जियोवानी का ब्रांड के प्रति अधिक लगाव था और सुपरक्रेमा की लोकप्रियता हासिल की।
1957 में Pietro के भाई जियोवानी की भी दिल के दौरे से मृत्यु हो जाती है। अब आगे का कार्यभार Pietro के पुत्र मिशेल सँभालते है।

Ferrero का अंतरराष्ट्रीय प्रवेश :

Ferrero ने सर्वप्रथम जर्मनी बाज़ार में प्रवेश किया और 1956 में प्लांट का उद्घाटन किया। चॉकलेट का नया संस्करण “मोन चेरी” लांच किया, जिसे सफलता तुरंत मिली।
तत्पश्चात, मिशेल ने कंपनी को फ्रांस, बेल्जियम, नीदरलैंड, ऑस्ट्रिया, स्वीडन, यूनाइटेड किंगडम और स्पेन जैसे नए बाजारों में भी नेतृत्व दिया।
1962 के बाद, जब इटली युद्ध से उबरने लगा, कंपनी ने “सुपरक्रेमा” चॉकलेट की क्वालिटी में और अधिक सुधार किया। जिसमे कोको और कोकोआ बटर की मात्रा बढ़ा दी।
1964 में, कंपनी ने “नुटेला” नाम से अपने आप को बाजार में प्रस्तुत किया।  Ferrero ने ऑस्ट्रेलिया, हांगकांग और इक्वाडोर जैसे बाजारों में अपना प्रवेश किया। 

Ferrero ने भिन्न प्रकार भी किये लांच :

1968 में कंपनी ने Kinder Line, 1969 में Tic Tac और 1982 में फेरेरो रोशर को लांच किया | Mishel ने कंपनी को बढ़ाने के लिए हर संभव उपाय किया। अरबी में “मोन चेरी” का पेटेंट कराया और प्रतिस्पर्धाओं के उत्पादों की जाँच के लिए खुदरा दुकानों में जाना। मिशेल ने अपने 40 वर्षों के कार्यकाल में फेरेरो कन्फेक्शनरी उद्योग में वैश्वीकरण और नवीनतम नवाचार के कारण विश्व में अग्रणी स्थान हासिल किया।
मिशेल ने 1997 में अपने बेटों जियोवानी और पिएत्रो को कार्यभार सौंप दिया। उस समय तक कंपनी ने ₹44,000 करोड़ की बिक्री कर चुकी थी। 

Ferrero के कुछ अतिरिक्त आंकड़ों पर नज़र :

  • 2015 तक अल्बा कारखाने में दैनिक 2.4 करोड़ फेरेरो रोशर बनाए जाते थे। हर साल 42 से अधिक देशों में लगभग 360 करोड़ फेरेरो रोशर बेचे जाते हैं।
  • 2017 में पुलिस ने फैक्ट्री में नकली रोशर के 300,000 पीस  जब्त किये और कई लोग गिरफ्तार किए गए।
  • 2016 में, फेरेरो ने यूनाइटेड बिस्कुट से डेलाक्रे और डेलिचोक बिस्कुट ब्रांडों को खरीदकर प्रीमियम बिस्कुट क्षेत्र में प्रवेश किया।
  • फेरेरो ने 2017 में फैनी मे कन्फेक्शन्स ब्रांड्स, इंक. से ₹1000 करोड़ में अमेरिका और उत्तरी अमेरिका में अपने विकास को और तेज करने के लिए 1-800-फ्लॉवर्स.कॉम, इंक. खरीद लिया।
  • 2018 में फेरेरो ने अपनी सबसे बड़ी खरीददारी की – Nestle के अमेरिकी कैंडी व्यवसाय को ₹24,600 करोड़ में खरीद लिया
  • 2019 में फेरेरो ने केलॉग कंपनी के कुकी, फल और फल-स्वाद वाले स्नैक, पाई क्रस्ट और आइसक्रीम कोनों को खरीद लिया।
  • 2020 में फेरेरो ने यूके में फॉक्स बिस्कुट की अधिकांश संपत्ति खरीदकर बिस्कुट बाजार में प्रवेश किया।

Ferrero की वर्तमान नेटवर्थ :

फेरोरा ने दुनिया भर के बाजारों में अपनी अलग जगह स्थापित की । बच्चों के लिए  “Kinder Joy” को प्रस्तुत किया । जिसने बाजार में अपनी पहचान बनाई और बच्चों की मनपसंद होने से मांग भी बढ़ी। कंपनी का वर्तमान नेटवर्थ ₹3.6 लाख करोड़ है।

इसे भी पढ़े :

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top