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Tax : बड़े BusinessMen इतनी Income के बावजूद भी Tax बहुत कम देते है, जाने इनके टैक्स बचाने के तरीके

Tax

जहां आम आदमी महीने के अंत में सीमित तनख्वाह पाता है, 12 महीने के बाद उस पर भी Tax देता है, वही एक बिजनेसमैन तनख्वाह से कई अधिक कमाने के बावजूद भी टैक्स की बचत कर लेता है। सरकार द्वारा बनाये गए कुछ प्रावधान का उपयोग करके वैध रूप से टैक्स की बचत करते है। आम आदमी नौकरी के दौरान उस तनख्वाह को कही नहीं छिपा पाता और Tax भरने के लिए वैध रूप से उत्तरदायी होता है। आज इस लेख में बिजनेसमैन द्वारा टैक्स बचत के तरीको पर चर्चा करेंगे। 

Tax बचाने के तरीके :

  • कृषि आय को दर्शाना।
  • टैक्स बचत के लिए हिंदू अविभक्त परिवार (Hindu Undivided Family) को अपनाना।
  • लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (limited Liability Partnership) के माध्यम से निवेश करना।
  • टैक्स बचत के लिए फॅमिली को महंगे गिफ्ट देना।
  • बिजनेसमैन के नाते खुद को सैलरी की जगह लाभांश प्रदान करना ताकि टैक्स बचत की जा सके।
  • निजी महंगे प्रोडक्ट खर्च को व्यवसायिक लागत के रूप में दिखाना।

कृषि आय कैसे Tax बचत :

शहरी कृषि आय पूरी तरह से टैक्स-मुक्त है, जैसा कि आय कर Section 54B में बताया गया है। कृषि भूमि केवल खेती के लिए प्रयोग किया जाना चाहिए। खेत बेचे जाने पर मिलने वाले लाभ को Capital Gain Tax से पूरी छूट मिलती है। Capital Gain Tax की छूट पाने के लिए 2 वर्ष की अवधि होती है, इसके अतिरिक्त समय पर टैक्स के दायित्व का सामना करना पड़ सकता है।
यही कारण है कि बिजनेसमैन इतनी अधिक आय के बावजूद भी बड़ी राशि में टैक्स बचत करते हैं।

उदाहरण : MS Dhoni के पास 40 एकड़ कृषि जमीन है। जिसमें मत्स्य पालन, डेरी, मुर्गीपालन और फल-सब्जियों का उत्पादन करके इसे कृषि आय के रूप में Section 10 (1) के अंतर्गत टैक्स बचत करते हैं।

HUF से कैसे Tax बचत : HUF से कैसे Tax बचत :

HUF एक वैध इकाई है। जिसमें हिंदू परिवार के मुखिया को कर्ता कहा जाता है। इस इकाई को टैक्स प्रावधानों के उद्देश्य से अलग इकाई मानी जाती है। इस प्रकार, मुखिया परिवार के व्यक्तिगत सदस्य से अलग-अलग कर लाभ का दावा कर सकता है, जिससे परिवारों को कर बचाने के लिए कानूनी रूप से आय को विभाजित करने की सुविधा मिलती है।
नए नियमों के तहत ₹4 लाख की आय पर 0% टैक्स है और ₹24 लाख से अधिक की आय पर 30% टैक्स है। PPF, ELSS और निवेशों के लिए धारा 80C, स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम के लिए धारा 80D और दान के लिए धारा 80G के तहत अतिरिक्त कटौती और छूट भी पात्र हैं।

LLP से कैसे Tax बचत :

LLP एक अलग इकाई और व्यवसायिक संरचना है, जो साझेदारी और कंपनी दोनों को जोड़ती है। व्यवसाय को नुकसान होने पर भी व्यक्तिगत संपत्ति सुरक्षित रहती है। LLP स्टार्टअप, छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए लोकप्रिय विकल्प है।

अधिकांश वकील, अकाउंटेंट और सलाहकार टैक्स बचाने के लिए इसका उपयोग करते हैं। इसमें पार्टनर्स अपनी आय को बाँटकर टैक्स में कमी करते हैं।
जैसे, विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा  द्वारा Virat Kohli Sports LLP के माध्यम से निवेश करके टैक्स बचत करते हैं।

Gift से कैसे Tax बचत :

एक परिवार को गिफ्ट देना भी टैक्स बचत का प्रावधान है। Section 56(2)(x) के प्रावधान के तहत ₹50,000 तक के पारिवारिक उपहार पर टैक्स नहीं रहता है। 
इस प्रावधान के प्रयोग से टैक्स बचत किया जाता है, ये एक तरह से बचत के लिए योजना है।
जिसमे अभिभावक अपने बच्चों को उपहार दे सकते है और टैक्स बचत कर सकते है। इसमें महँगी घड़ी, कार और आभूषण भी शामिल है।

सैलरी की जगह Dividend और बिज़नेस खर्च भी Tax बचत :

टैक्स बचाने के लिए बड़े उद्यमी खुद को सैलरी की जगह लाभांश देते हैं। सैलरी में 30% Tax के साथ Cess और Surcharge भी लगता है, जिससे टैक्स बढ़ जाता है। लेकिन उद्यमी इसका लाभ जरूर उठाते हैं, आम आदमी नहीं।
Income Tax Act 1961 के Section 194 में लाभांश पर 20% टैक्स लगाया जाता है, जिसमें Surcharge  भी शामिल है। इस तरीके से 30-40% टैक्स सैलरी में देने पर 20% सिर्फ लाभांश पर देकर टैक्स बचत करते है।
निजी खर्च जैसे – महंगे फ़ोन, लैपटॉप, कैमरा और कार को व्यवसायिक खर्च के रूप में दिखाकर बचत करते है।

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