fursatonline.com

Personal Loans

आज भागा दौड़ की जिंदगी में स्ट्रेस बहुत कम महत्वपूर्ण है। अप्रत्याशित खर्चे अक्सर दस्तक देते हैं, इसलिए आप कुछ अतिरिक्त सुझाव लिए बिना ही अधिक ब्याज़ पर लोन लेने के लिए अग्रसर हो जाते हैं, ताकि आपको वित्तीय कमी का सामना न करना पड़े। ऐसा न करके, हमें कुछ ऐसे कदम लेने चाहिए जिससे लोन मिलने में आसानी हो और साथ ही अधिक स्ट्रेस भी न हो।

मेडिकल इमरजेंसी, घर की मरम्मत, बच्चे की पढ़ाई का खर्च के लिए आय इतनी अधिक नहीं है कि ये खर्चों को शामिल किया जा सके, इसलिए अधिक खर्च ही व्यक्तिगत लोन के लिए प्रेरित करते हैं। उसके लिए उच्च मूल्य वाले Personal Loans की मंजूरी पाना आसान नहीं होता। 

ऋणदाता ऋण देने से पहले आपकी पुनर्भुगतान क्षमता, साख और वित्तीय अनुशासन का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करते हैं।
इस लेख में कुछ रणनीतियां साझा की जा रही है, जिनके आधार पर पर्सनल लोन आवेदन करना आपके हित में साबित हो सकता है।

क्रेडिट प्रोफाइल मजबूत रखना :

पर्सनल लोन के लिए आवेदन करने से पहले, ऋणदाता पहले आपकी क्रेडिट रिकॉर्ड की जांच करता है। जो 300 से 900 तक के अंकों को दिखाता है और आपकी प्रोफाइल को बताता है। 750 से अधिक स्कोर आपको जिम्मेदार उधारकर्ता बताता है। जिससे आपके पास उच्च मूल्य वाले Personal Loans (High Value Personal Loans) मिलने की अधिक संभावना है।
अगर आपके क्रेडिट प्रोफाइल का स्कोर 750 से कम है, तो ये करे –

  • क्रेडिट कार्ड के बिल और EMI को समय पर भुगतान करें।
  • चूक या देर भुगतान से बचे, ऐसा करने से विश्वसनीयता कमजोर होती है।
  • मजबूत क्रेडिट स्कोर या इतिहास लोन मंजूरी ही नहीं बल्कि कम ब्याज़ दरें भी प्रदान कर सकती है।

Debt-to-Income Ratio को बेहतर रखे :

Debt-to-Income Ration (DTI) एक कारक है जो बैंकों द्वारा मौजूद ऋणों को चुकाने के लिए निर्धारित किया जाता है। बैंक मूल्यांकन करता है कि आय का कितना हिस्सा मौजूद ऋणों को चुकाने में जाता है, इसे ही Debt-to-Income Ratio (DTI) कहते है। बैंक इसके आधार पर ऋणकर्ता को सही उधारकर्ता मानता है। बैंक द्वारा DTI का आदर्श रूप 40% से कम का है। 
इसे एक उदाहरण से समझें:
व्यक्ति की आय ₹1 लाख है, जिसमे पुराने चल रहे ऋण ₹40,000 से अधिक नहीं होता है। इसे आदर्श रूप माना जाता है। बैंक द्वारा नए लोन को देने और ऋणकर्ता द्वारा चुका पाने में सामंजस्य स्थापित करता है। यह ऋण स्वीकृति की संभावना बढ़ाता है।

स्थायी रोजगार और आय को कायम रखना:

उधारकर्ता के लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि पर्सनल लोन से लेने से पहले एक नियमित आय हो। जिससे लिए जाने वाले लोन को चुकाने में आसानी हो और क्रेडिट स्कोर में कोई बदलाव न हो सके। ये सब देख कर ही बैंक आपको पर्सनल लोन के लिए सुनिश्चित करता है।
कुछ प्रमुख बाते, जो बैंक सुनिश्चित करता है:

  • आय प्रमाणपत्र, मौजूदा वेतन पर्ची और बैंक रिकॉर्ड |
  • लंबे समय तक एक नियोक्ता के साथ काम करना पर्सनल लोन आवेदन को मजबूत बनाता है।
  • स्व-नियोजित व्यक्तियों का वित्तीय विवरण और टैक्स रिटर्न्स की स्लिप भी जमा करना चाहिए।

ऐसा करने से उच्च मूल्य वाले Personal Loans प्राप्त होने की सम्भावना अधिक बढ़ जाती है। जो की बेहतर रहता है।   

एक साथ कई ऋण आवेदनों से करे बचाव :

थोड़े समय में कई Personal Loans और क्रेडिट कार्ड के आवेदन करना भी क्रेडिट प्रोफाइल को प्रभावित कर सकता है। ऐसा करने से आवेदन कड़ी पूछताछ कर सकता है और सही संकेत नहीं मिलने पर क्रेडिट गिरावट हो सकता है। ऐसे में ऋणकर्ता को वित्तीय हताशा भी प्राप्त हो सकती है।
बचाव में ये करें: 

  • केवल आवश्यक ऋण के लिए आवेदन करें, जो आपके प्रोफाइल और आवश्यकताओं के अनुरूप हो।
  • विभिन्न ऋणदाताओं से तुलना करना सबसे अच्छा है।
  • सही तरह से चुना गया ऋण, क्रेडिट रिपोर्ट को स्पष्ट रखता है और स्वीकृति की संभावना बनी रहती है।

सटीक दस्तावेज और उन्हें व्यवस्थित रखे:

अगर दस्तावेज अधूरे या गलत हुए तो ये ऋण आवेदन में देरी भी कर सकते है। या रिजेक्ट भी कर सकते है। दस्तावेज को स्पष्ट रूप से तैयार रखे।
जैसे:

  • पहचान प्रमाण (आधार, पासपोर्ट, PAN कार्ड)
  • पते का प्रमाण (उपयोगिता बिल, रेंटल एग्रीमेंट)
  • आय प्रमाण (Salary Slips, फॉर्म 16, ITRs)
  • बैंक स्टेटमेंट और कर दस्तावेज़

सटीक दस्तावेज और सुव्यवस्थित रखे गए दस्तावेज Personal Loans की प्रक्रिया को तेज करते है और साथ ही ऋणदाताओं का विश्वास भी बरक़रार रहता है। 

इसे भी पढ़े :

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top