Table of Contents
ToggleJames Dyson : 5,126 Failures लेकिन फिर भी नहीं मानी हार, आज ₹1.17 लाख करोड़ की नेटवर्थ

सफलता की सीढ़ी चढ़ना इतना आसान नहीं होता है। जीवन में कई विफलताओं का भी सामना करना पड़ता है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि हार मान लो। विफलताओं से कुछ सीख लेकर, फिर नए सिरे से जीत के लिए तैयार रहना जरूरी है। ऐसी ही कहानी है James Dyson की। जिन्होंने जीवन में 1 नहीं 5000 से अधिक बार विफलताओं का सामना किया। उन विफलताओं से सीख लेकर व्यवसाय को खड़ा किया और आज ₹1.17 लाख करोड़ की नेटवर्थ है।
आज इस लेख में James Dyson द्वारा किये गए व्यवसाय से दुनिया में ऐसी खोज हुई, जो दुनिया में पहली ही थी।
James Dyson ने Bagless Vaccum Cleaner की खोज की :
James Dyson ने 1970 के दशक में देखा कि वैक्यूम क्लीनर बैग बहुत कमजोर होते हैं, जिससे वे अधिक समय तक टिक नहीं पाते। Dyson को लगता था कि vaccum Cleaner बिना बैग वाले भी बन सकते हैं। फिर क्या था ? डाईसन ने “सायक्लोनिक सेपरेशन” की तकनीक का उपयोग करके एक नई खोज शुरू की।
5 वर्षों तक नए-नए प्रोटोटाइप बनाकर परीक्षण करते रहे। विफलताओं का सामना भी करना पड़ा, लेकिन 1983 में एक Vaccum Cleaner बनाया गया जो Bagless था। James Dyson के लिए यह दुनिया में पहली खोज थी।
5000 विफलताएं, फिर बना Dyson ब्रांड, बिक्री की शुरूआती दिक्कतें :


जब Bagless vaccum Cleaner बनाने की चुनौती खुद स्वीकार कर ली, फिर कितनी भी विफलताओं का सामना करना पड़े। डाइसन अब किसी की नहीं सुनने वाले थे।
नए-नए प्रोटोटाइप करके 5000 से अधिक प्रोटोटाइप किये फिर भी उनको प्रोडक्ट को लेकर संतुष्टि नहीं मिली। कुछ न कुछ दिक्कत समझकर खुद ही रिजेक्ट करते रहे। सायक्लोनिक सेपरेशन की तकनीकी से, आखिर 1983 में Bagless vaccum Cleaner बनकर तैयार हो गया।
Bagless vaccum cleaner का अविष्कार हुआ था, लेकिन कंपनियां इसे स्वीकार नहीं करना चाहती थीं। इस वैक्यूम क्लीनर से कंपनियों को डर था कि यह रिप्लेसमेंट बैग व्यवसाय को बर्बाद कर देगा।
डायसन को बाजार की ऐसी प्रतिक्रिया से निराशा हुई। फिर इस उत्पाद को खुद जापान में G-Force ब्रांड के नाम से लांच किया। लोगों को बहुत अलग और सुविधाजनक लगने से उनकी मांग बढ़ी।
इन्होने जापान से इतना पैसा कमा लिया कि इस उत्पाद को इंग्लैंड में लांच किया। 1991 में कंपनी का नाम “Dyson” रखा और इंग्लैंड के बाज़ार में पेश किया।
Dyson Ltd. ने लागत घटाने और मुनाफ़ा बढ़ाने को उठाया ये कदम :


1991 में लांच होने के बाद, डायसन ने सोचा कि उनका व्यवसाय एक जगह पर पहुंचकर स्थिर हो सकता है। मुनाफे को बढ़ाने के लिए Dyson Ltd. ब्रांड ने बिना ब्लेड वाले पंखे, एयर प्यूरीफायर और एडवांस हैंड ड्रायर लांच किए गए।
उत्पाद की अच्छी गुणवत्ता और देखने में बेहद आकर्षक डिजाइन ने ग्राहकों को आकर्षित किया। जिससे कंपनी में इन उत्पादों की मांग में और अधिक वृद्धि हुई।
डायसन के दिमाग में कही न कही प्रॉफिट मार्जिन कम ही समझ आ रहा था, इसके लिए उन्होंने 2002 में प्रोडक्शन मैन्युफैक्चरिंग को मलेशिया में स्थानांतरित कर दिया। लोगो ने इसके लिए काफी आलोचनाएं भी की।
लेकिन कंपनी को लोगों तक कम कीमत में अच्छे उत्पादों को पहुंचाना था। 2002 में अमेरिका के बाजार में अपने प्रोडक्ट को उतारा और भारी मांग के साथ अधिक मुनाफा भी कमाया।
उन्होंने अपने मुनाफे का बड़ा निवेश रिसर्च और डेवलपमेंट में किया हुआ था। टीम ने बैटरी सिस्टम, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में भी काफी प्रगति की तरफ भी ध्यान दिया।
James Dyson ने जब 9 वर्ष की उम्र में पिता को खो दिया :


व्यवसायी और अविष्कारक Dyson का जन्म इंग्लैंड में 2 मई 1947 को हुआ था। बचपन सामान्य था। जीवन अच्छी तरह चल रहा था, लेकिन पिता को कैंसर के चलते दुनिया से अलविदा कहना पड़ा। इंग्लैंड के ग्रेशम विश्वविद्यालय में पढ़ाई की थी। पढ़ाई में साधारण थे लेकिन डिज़ाइन और जटिल समस्याओं को हल करने में काफी रूचि रखते थे।
लंदन के बायम शॉ आर्ट स्कूल से कला और डिजाइन की पढ़ाई की। धीरे-धीरे वे समझने लगे कि इंडस्ट्रियल डिजाइन और इंजीनियरिंग में उनका अधिक रुचि है।
बाद में वह रॉयल कॉलेज ऑफ आर्ट में प्रवेश लिया और उत्पादों को डिजाइन करने पर अधिक ध्यान दिया।
Dyson Ltd. के आंकड़े, नेटवर्थ और उपाधि :


2023 में कंपनी ने ₹82,800 करोड़ की बिक्री की। इसी वर्ष अधिक लाभ भी कमाया गया था। इनकी एक होल्डिंग कंपनी भी है, जिसका नाम डायसन फ़ार्मिंग है।
इनकी कंपनी लाखो लोगों को रोजगार देती है और 80 से अधिक देशों में काम करती है।
कंपनी की वर्तमान नेटवर्थ ₹1.17 लाख करोड़ है और इंग्लैंड की महारानी एलिज़ाबेथ द्वारा डायसन को नाइटहुड की उपाधि प्रदान की गयी। जिससे अब उनका पूरा नाम Sir James Dyson है।
