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ToggleAI v/s Human : क्या AI लेगा इंसानो की जगह, जाने किन जॉब्स में AI का कोई भी खतरा नहीं है

जैसे-जैसे वैज्ञानिक तकनीक बढ़ रही है, भविष्य में जॉब बचा पाना बहुत मुश्किल हो सकता है। इंसानों की क्षमता और योग्यता को नजरअंदाज़ करके, AI का इस्तेमाल करना काफी खतरनाक हो सकता है।
लेकिन अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आने से नई नौकरियां में मांग भी बढ़ जाएंगी। AI के पास अधिक काम करने की क्षमता है। जो मनुष्यों द्वारा करना असंभव लगता है
इंसान द्वारा किये काम को मशीन अच्छी कुशलता और तीव्रता के साथ कर सकती है, लेकिन कुछ काम जो सिर्फ इंसान ही कर सकता है। इनमे अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल हो ही नहीं सकता है।
कुछ कंपनियों ने छटनी शुरू भी कर दी है। इसका मुख्य कारण है – जिस काम को व्यक्ति द्वारा काफी दिनों में पूरा किया जाता था, AI उसे कुछ घंटो या मिनटों में कर देता है।
इसलिए अधिकांश कंपनियों ने अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अधिक प्राथमिकता दी है। भविष्य में कंपनियों का अस्तित्व खत्म हो सकता है अगर वे भी AI का इस्तेमाल नहीं करते हैं।
आज इस लेख में AI से जुड़े काफी जानकारी के बारे में विस्तृत चर्चा करेंगे। भविष्य में खोने वाली जॉब और इस फील्ड में बढ़ने वाली जॉब मांग के चर्चा होगी।
इंसानों से अधिक भरोसा AI पर क्यों ? :


हर व्यवसाय चाहता है कि कम कॉस्टिंग और बचत हो सके। कम्पनिया कॉस्टिंग को कम करने के लिए तैयार है, यदि इंसान की जगह AI या रोबोट ले सकते हैं।
आखिरकार, किसी काम को जल्दी पूरा करना और बिना थके अधिक काम करा लेना। जिसको इंसान से नहीं करा सकते थे।
उदाहरण : किसी कंपनी में एक दिन में 500 प्रोडक्ट इंसानो की मेहनत से तैयार किये जाते है।लेकिन AI की सहायता से एक दिन में 1000 उत्पाद बनाए जा रहे हैं।
इसका अर्थ है कि कम लागत पर अधिक उत्पादन। इसलिए कंपनियां इंसानो से अधिक अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर भरोसा करती हैं
ऐसी नौकरियां जिनमे है AI का खतरा :


डेटा एंट्री, टेलीकॉलिंग, ह्यूमन स्टाफ, बुकिंग और बेसिक कस्टमर सर्विस इन पदों पर काम जाने का खतरा परस्पर बना हुआ है। अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से इन कामों को आसानी से और कम लागत पर मशीनों या रोबोटों से कराया जा सकता है।
टेलीकॉलिंग के लिए ऑटोमेटेड सिस्टम का इस्तेमाल भी सकता है।
हाईटेक कंपनियां भी दस्तावेजों को जांचने और ह्यूमन स्टाफके लिए AI का ही उपयोग कर रही हैं। इसके उपयोग से कंपनी को कॉस्टिंग भी कम पड़ती है।
ऐसी नौकरियां जिनमे AI का कोई खतरा नहीं :


इलेक्ट्रिकल वर्क, वेल्डिंग, प्लंबिंग, राजनीतिज्ञ, सेक्स वर्कर, क्रिएटर्स, कंटेंट क्रिएटर, नैतिक विशेषज्ञ और कंस्ट्रक्शन जैसे मैनुअल कामों में फिजिकल कौशल होने के कारण इन कामों में अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का खतरा कम है। इन कामो में तुरंत निर्णय लेने और अनुभव की अधिक आवश्यकता होती है।
उदाहरण के लिए : पाइपलाइन की कॉम्प्लेक्स समस्याओं को सुलझाने के लिए प्लंबर को क्रिएटिविटी और अनुभव की आवश्यकता होती है, जो रोबोट्स में नहीं होती है और अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा ऐसा करना काफी कठिन है। अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ऑटोमेशन के साथ भी करना चाहता है तो अधिक प्रभावित नहीं हो सकता। अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उन कामों को अपने द्वारा अच्छे से कर सकता है, जिसमे कोई नयी चीज न हो और एक ही चीज बार बार हो।
प्लंबिंग एक फिजिकल काम है जिसे अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नहीं कर सकता है। लेकिन कोई बड़ी कंपनी प्लंबिंग का काम करती है तो उसके पास वैज्ञानिक तकनीकी के आधार पर रोबोटिक तकनीकी का इस्तेमाल करके करवा सकता है। फिर भी गुणवत्ता की कमी रह सकती है।